आमेर दुर्ग भारत के राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर के आमेर क्षेत्र में एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित एक पर्वतीय दुर्ग है। यह जयपुर नगर का प्रधान पर्यटक आकर्षण है। आमेर के बसने से पहले इस जगह मीणा जनजाति के लोग रहते थे , जिन्हे कच्छवाह राजपूतो ने अपने अधीन कर लिया।
जलमहल राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसागर झील के मध्य स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक महल है। अरावली पहाडिय़ों के गर्भ में स्थित यह महल झील के बीचों बीच होने के कारण 'आई बॉल' भी कहा जाता है। इसे 'रोमांटिक महल' के नाम से भी जाना जाता था।
सिटी पैलेस जयपुर में स्थित राजस्थानी व मुगल शैलियों की मिश्रित रचना एक पूर्व शाही निवास जो पुराने शहर के बीचोंबीच है। भूरे संगमरमर के स्तंभों पर टिके नक्काशीदार मेहराब, सोने व रंगीन पत्थरों की फूलों वाली आकृतियों ले अलंकृत है।
नाहरगढ़ का किला जयपुर को घेरे हुए अरावली पर्वतमाला के ऊपर बना हुआ है। आरावली की पर्वत श्रृंखला के छोर पर आमेर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस किले को सवाई राजा जयसिंह द्वितीय ने सन १७३४ में बनवाया था।
जयगढ़ दुर्ग भारत के पश्चिमी राज्य राजस्थान की राजधानी जयपुर में अरावली पर्वतमाला में चील के टीले पर आमेर दुर्ग एवं मावता झील के ऊपरी ओर बना एक किला है। इस दुर्ग का निर्माण जय सिंह द्वितीय ने १६६७ ई.
अल्बर्ट हॉल संग्रहालय भारत के राजस्थान राज्य के जयपुर ज़िले में स्थित एक संग्रहालय है। यह राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय है। यह संग्रहालय "राम निवास उद्यान" के बाहरी ओर सीटी वॉल के नये द्वार के सामने है। यह "भारत-अरबी शैली" में बनाई गयी एक बिल्डिंग है।
डिग्गी पैलेस जो जयपुर, राजस्थान में स्थित एक भारतीय शाही महल है। लेकिन बाद में इसे एक हेरिटेज होटल में बदल दिया गया था, लेकिन एक हिस्से पर अभी भी शाही परिवार का कब्जा है, जो होटल भी चलाता है। वार्षिक जयपुर साहित्य महोत्सव २००६ से यहाँ आयोजित किया जा रहा है।
गलताजी मन्दिर जिसे बंदर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जयपुर, राजस्थान में स्थित एक प्राचीन तीर्थस्थल है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित, यह मंदिर, मंडप और पवित्र कुंडो के साथ हरियाली युक्त प्राकृतिक दृश्य इसे आनंददायक स्थल बनाता है।
गोविंद देव जी मंदिर जयपुर, राजस्थान में स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर है, जो भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। यह मंदिर जयपुर के सिटी पैलेस परिसर में जय निवास बाग के भीतर स्थित है। यह मंदिर बिना शिखर के विशेष स्थापत्य शैली के लिए भी प्रसिद्ध है।
बिड़ला मंदिर, जयपुर भारत के राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर बिड़ला समूह द्वारा निर्मित मंदिरों की श्रृंखला का हिस्सा है।
मोती डूंगरी भारत के राजस्थान राज्य के जयपुर शहर में स्थित भगवान गणेश को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मोती डूंगरी किले की तलहटी में स्थित है और अपनी भव्य वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व एवं धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है।
पदमपुरा भारत के राजस्थान राज्य के जयपुर ज़िले के शिवदासपुरा नगर में स्थित एक गाँव और दिगंबर जैन अतीशय क्षेत्र का स्थल है। यह जयपुर से जयपुर-कोटा रोड पर 8 किमी की दूरी पर स्थित है।
जगत शिरोमणि मन्दिर एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है जो भारत के राजस्थान राज्य के जयपुर जिले के आमेर में स्थित है। यह मंदिर भगवान कृष्ण, मीरा बाई तथा विष्णु को समर्पित है।
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यात्री अक्सर पूछते हैं
बस्सी में घूमने की सबसे अच्छी जगहें कौन-सी हैं?
सबसे मशहूर हैं: आमेर दुर्ग, हवामहल, जल महल, सिटी पैलेस, नाहरगढ़ दुर्ग।
बस्सी घूमने का सबसे अच्छा समय कब है?
सबसे अच्छा मौसम: अक्टू॰–मार्च।
बस्सी कैसे पहुँचें?
सबसे पास का रेलवे स्टेशन: Kanauta (KUT), 3 किमी दूर। सबसे पास का हवाई अड्डा: Jaipur International Airport (JAI), 17 किमी दूर।
बस्सी की 3 दिन की यात्रा में कितना ख़र्च होता है?
किफ़ायती: लगभग ₹2,800–₹5,500 प्रति व्यक्ति; मध्यम: लगभग ₹7,000–₹13,800 प्रति व्यक्ति; आरामदायक: लगभग ₹16,000–₹30,300 प्रति व्यक्ति। 2 वयस्कों के एक कमरा साझा करने पर मोटा अनुमान: ठहरना, खाना, स्थानीय सफ़र और टिकट, आम दामों से (लाइव दाम नहीं)। बस्सी तक आने-जाने का ख़र्च शामिल नहीं।
स्रोत: जगहें Wikipedia, Wikidata, Wikivoyage और OpenStreetMap से; मौसम NASA POWER से; स्टेशन और हवाई अड्डे Wikidata से। आख़िरी जाँच अक्टू॰ 2026।